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जब धारा 370 हट सकती है, राम मंदिर बन सकता है, तो ओपीएस क्यों नहीं

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पौड़ी।। हिम् तुंग वाणी

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पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरे देश में केंद्र से लेकर राज्य सरकार के कर्मचारी लगातार लामबंद होकर कर्मचारियों के भविष्य हित की इस मांग पर अब लोकसभा चुनाव से पूर्व कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली करने पर रणनीतिक विचार किया जा रहा है। विभिन्न संगठनों द्वारा अपने मांग पत्र में इस मांग को प्रमुखता एवं प्राथमिकता से रखा गया है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा भी लगातार पुरानी पेंशन बहाली के लिए किये जाने वाले संघर्ष को जारी रखे हुए है। विभिन्न माध्यमों से राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा द्वारा कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन की मांग को विभिन्न मंचों पर उठाया जा रहा है। इस संबंध में आज एक गूगल बैठक आयोजित की गई जिसमें वक्ताओं ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रयास जारी रखते हुए इसमें तेजी लाने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली करने पर रणनीतिक विचार किया गया। आज जहां पूरा देश 22 जनवरी को अयोध्या में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयारी कर रहा है और देश मे रामराज की कल्पना की जा रही है वहीं आज भी कर्मचारी एनपीएस रूपी रावण के अत्याचार से ग्रसित हैं। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि जब केंद्र सरकार एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जम्मू कश्मीर से 370 जैसी धारा को हटा सकते हैं तो क्या वे कर्मचारियों को एनपीएस जैसी बुराई से छुटकारा नहीं दिला सकते हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिव सिंह रावत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा की प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और भविष्य मे भारत तीन प्रमुख आर्थिक शक्तियों में सम्मिलित होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को जिनके बल पर देश आर्थिक प्रगति कर रहा है उन्हें नई पेंशन देकर उनके भविष्य के साथ धोखा किया जा रहा है। रणवीर सिंधवाल प्रदेश कोषाध्यक्ष ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सरकार को हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए, क्योंकि यह उन सरकारी कर्मचारियों के भविष्य का प्रश्न है जो लगातार अपने जीवन का अधिकतर समय देश सेवा में लगा देते हैं। गढ़वाल मंडल समन्यक जसपाल गुसाईं फर्सवान ने कहा कि विभिन्न राज्यों में पुनः पुरानी पेंशन बहाल की गई है और वहां के कर्मचारियों को इसका लाभ देते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित किया गया है, तो उत्तराखंड सरकार भी अपने कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन लागू कर सकती है। मंडलीय सचिव नरेश कुमार भट्ट ने कहा कि एक कर्मचारी ही है जो कि हर समय सरकार के उन सभी कार्यों को संपन्न करता है जो कि जनहित में होते हैं । जबकि बुढ़ापे में उसे नई पेंशन देकर बेसहारा छोड़ दिया जाता है। इसलिए पुरानी पेंशन हर हाल में बहाल की जानी चाहिए। राजीव उनियाल जनपद अध्यक्ष तिहरी ने कहा की लोक सभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार यदि पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो वोट की चोट से कार्मिक जवाब देगा बैठक मे मोहन सिंह, अतर जोशी, मासंत, रजनीश, सुशील, मोहित, अभिषेक नवानी, बीरेंद्र चौहान मोहन, शकुंतला, विजय आर्य, मुरली, सावित्री, धनसिंह रावत, महेश डॉ. पुरुषोतम राहुल भट्ट. महेश कुमार प्रदीप चद राकेश चंद गोपी चंद.हेमेश, अमिता, गिरीश, किरण, सुनील, संदीप कुमार, दीपक, शंकर भट्ट, सुनील कुमार सूरजपाल प्रवीन कुमाररविंद्र रावत, राकेश भट्ट, बलदेव असवाल दिलबर रावत रणवीर सिंधवाल दिनेश कोहली, मोहन सिंह हरेंद्र रावत, जयवीर सिंह सुशील विवेक, मुरली मनोहर भट्ट राकेश भगोपीचंद, किरण भट्ट,जयवीर, सुशील, विवेक, पूरन,प्रमोद कोटियाल आदि उपस्थित रहे।

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