चम्पावत: तो फ़र्ज़ी निकला गैंग रेप कांड..
चंपावत। पिछले दिनों युवती से गैंग रेप को पुलिस फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस का दवा है कि पीड़िता ने भी अपने बयानों में ये स्वीकार कर लिया है और आरोपियों की टैक्निकल लोकेसन भी घटना स्थल के बज़ाय दूसरे स्थानों पर मिली है।
पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को दी ऑफिसियल बाइट में स्वीकारा कि बीजेपी कार्यकर्ता ने नहीं किया बलात्कार। पिछले दिनों चंपावत जिले में एक युवती से गैंग रेप की घटना ने पूरे प्रदेश में बबाल मचा दिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का निर्वाचन छेत्र होने के कारण कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की साथ ही महिलाओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस घटना से चंपावत जिले के साथ पूरे प्रदेश में बबाल मच गया था। अब चंपावत पुलिस ने दावा किया कि उनके द्वारा जो भी जांच की गई उसमें पाया गया है कि इस तरह की कोई भी वारदात युवती के साथ नहीं हुई और वो स्वयं इस फर्जी घटना में शामिल थी। पुलिस का दावा है कि राजनीतिक साजिश के तहत रची गई झूठी कहानी थी।बीजेपी के ही एक पूर्व पदाधिकारी कमल रावत ने ही नाबालिग लड़की को पैसों और मदद का लालच देकर रची थी। तथाकथित पीड़िता ने कोर्ट के सामने बयान देते हुए खुद स्वीकार किया कि उसके साथ किसी तरह का गैंगरेप नहीं हुआ है, और जिन लोगों के नाम आरोपी के तौर पर लिए जा रहे हैं उनका घटना से कोई संबंध नहीं है पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में भी नह गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है। पूर्व में हुई एक घटना के लिए उन अन्य कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार मानते हुए कमल रावत साजिश रचकर उन्हें फंसना चाहता था। चंपावत की एसपी रेखा यादव ने किया पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है।





