बंगाल की प्रचंड विजय से उत्तराखंड में धनदा के पॉइंट्स बढ़ना तय
●धन दा को पार्टी के ‘ मिशन बंगाल में मेहनत का मिल सकता है ईनाम●
*अनिल बहुगुणा* देहरादून
भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पिछले पांच महीनों तक पश्चिम बंगाल में पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। गृह मंत्री अमित शाह के सीधे निर्देश पर उन्होंने राजबंगा क्षेत्र (पुरुलिया-वर्धमान) में संगठन को बूथ स्तर तक तैयार करने का जिम्मा संभाला दिया गया था। उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान वे केवल अपने विभाग से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए ही गैरसैण सत्र में पहुंचे, बाकी समय उन्होंने बंगाल में ही गुजारा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, डॉ. रावत की इस अथक मेहनत को अब पार्टी आला कमान पर सराहा जा रहा है। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में डॉ धन सिंह को स्टार प्रचारक के बजाय रूट लेबल पर काम करने के लिए जिम्मेदारी क़े साथ लगाया गया था। भाजपा की मजबूत तैयारी में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें आगामी दिनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।उनका ये पार्टी के प्रति समर्पण का बडा उदाहरण माना जा रहा है। अब वेस्ट बंगाल में चुनाव के बाद डॉ धन सिंह किसी जीत के जलसे में शामिल के बज़ाय अपनी विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच पहुँच गये है। डॉ. धन सिंह रावत ने न सिर्फ बंगाल में बूथ कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी, बल्कि स्थानीय मुद्दों पर रणनीति बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। अमित शाह ने कई राज्यों के नेताओं को बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन धन सिंह की ग्राउंड रिपोर्टिंग और संगठनात्मक क्षमता सबसे प्रभावी रही ऐसा बताया जा रहा है। डॉ धन सिंह स्वयं इस बारे में कहते हैं, “पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे पूर्ण समर्पण से निभाने की कोशिश की। बंगाल में भाजपा की जड़ें मजबूत करने के लिए हर स्तर पर काम हो रहा था। संभावित इनाम क्या हो सकता है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा पर पार्टी के अंदरूनी सूत्रों में चर्चा है कि डॉ. धन सिंह रावत को 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले या बाद में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अमित शाह जैसे शीर्ष नेता उनके काम से बेहद प्रभावित बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकर मानते हैं कि उत्तराखंड में रावत की लोकप्रियता और बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में सफल प्रदर्शन उन्हें पार्टी के ‘राइजिंग स्टार’ बना रहा है। सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने हालांकि रावत की लंबी अनुपस्थिति पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों ने कहा था कि मंत्री महोदय अपने विभागीय कामों को नजरअंदाज कर बंगाल में व्यस्त है, लेकिन भाजपा का कहना है कि “पार्टी का राष्ट्रीय मिशन” व्यक्तिगत या राज्य स्तर के कामों से ऊपर है। डॉ. धन सिंह रावत उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल से विधायक हैं और वर्तमान में उच्च शिक्षा सहित कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी मेहनत अब पार्टी के लिए ‘मॉडल’ के रूप में देखी जा रही है। चाहे इनाम मिले या न मिले, डॉ. धन सिंह रावत ने साबित कर दिया कि भाजपा कार्यकर्ता के लिए पार्टी का काम ही सर्वोपरि है।





