मंत्रिमंडल विस्तार अंदरूनी असंतोष को साधने की कोशिश मात्र: इंद्रेश
देहरादून।
उत्तराखंड में सरकार के चार साल पूरे होने के बाद हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, राज्य पर निरर्थक बोझ डाल कर भाजपा के भीतर पनप रहे असंतोष को थामने की कवायद है। प्रेस को दिए बयान में भाकपा माले के प्रदेश सचिव इन्द्रेश मैखुरी
कहा कि इस विस्तार में भी दल- बदल कर भाजपा में आने वालों को तरजीह मिली है।
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्य हो सकते हैं। 2022 में प्रचंड बहुमत से सत्ता में आने के बावजूद तीन मंत्री पद खाली रखे गए, जिन्हें भरने की जरूरत बीते चार साल में नहीं हुई, उन्हें अब चुनाव से दस महीने पहले भर कर किसका हित साधा जा रहा है ? भाजपा के सांसद, विधायक ही राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार, अफसरशाही हावी होने, कानून व्यवस्था चौपट होने जैसे मामले सार्वजनिक रूप से उठा रहे थे। यह मंत्रिमंडल विस्तार असंतोष के इन स्वरों को थामने की कोशिश है। यह अफसोस की बात है कि 94000 करोड़ रुपए के कर्ज तले दबे राज्य में भाजपा के अंदरूनी संकट को साधने के लिए जनता पर यह अनावश्यक बोझ डाला गया।





