#उत्तराखण्ड #देहरादून

पत्रकारों को राष्ट्रद्रोही करार देने के प्रयासों के विरोध में प्रदर्शन

Share Now

देहारादून।

राज्य में सोशियल मीडिया के माध्यम से पत्रकारों को राज्य द्रोही, देश द्रोही ठहराने वाले कृत्यों के विरोध में पत्रकारों और विभिन्न जनसंगठनों व विपक्षी राजनीतिक दलों ने गांधी पार्क में प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन पत्रकार त्रिलोचन भट्ट और राहुल कोटियाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किये जाने के खिलाफ किया गया था। प्रदर्शन में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के खिलाफ किये जा रहे दुष्प्रचार की भी कड़ी निन्दा की गई और कहा गया कि पत्रकारों को सोशियल मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की चाल अब अधिकारियों को भी नहीं बख्स रही है।
प्रदर्शन में त्रिलोचन भट्ट ने अपने खिलाफ किये गये दुष्प्रचार के कारण उन्हें होने वाली परेशानी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नक्सली और देशद्रोही कहा गया, यदि उनके खिलाफ इस तरह के सबूत सरकार के पास हैं तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? और यदि नहीं हैं तो फिर इस तरह का दुष्प्रचार करने वालों पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक सरकार से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को ट्रोल कर रहे थे, वे अब सूचना महानिदेशक को भी ट्रोल करने लगे हैं, दरअसल वे अब भस्मासुर की भूमिका में आ गये हैं।
राहुल कोटियाल के वक्तव्य को पढ़कर सुनाया गया। उन्होंने इस दौरान हुई मानसिक परेशानी के बारे में बताया और कहा कि इस तरह की बातों से वे डरने वाले नहीं हैं।
वक्ताओं ने दोनों पत्रकारों के साथ ही सूचना महानिदेशक कें खिलाफ झूठ फैलाने का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि यह नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला है। इस तरह के हमलों का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में पूर्व आईएएस एसएस पांगती, वामपंथी नेता समर भंडारी, इंद्रेश मैखुरी, कांग्रेस की सुजाता पॉल, सामाजिक कार्यकर्ता पावेल, दीप सकलानी,इंद्रेश सतीश धौलाखंडी के जनगीत गाये।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *