#उत्तराखण्ड #पौड़ी

क्या मदन कौशिक अभी भी है किसी राजनीतिक परिवर्तन के इंतज़ार में

Share Now

 

*अनिल बहुगुणा*

पौड़ी गढ़वाल।

जनपद पौड़ी गढ़वाल के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक की नाराज़गी लगता है अभी भी ख़त्म नहीं हुई है। जिला गढ़वाल पौड़ी की जिले की वार्षिक जिला योजना 2026-27 को का अनुमोदन और समीक्षा करने पौड़ी पहुँचे वरिष्ठ भाजपा नेता और काबीना मंत्री काफ़ी असहज से दिखे। इस बैठक में जिला योजना को वे अनुमोदित करने से बचते रहे। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रस्तावित
₹11,997.70 लाख के परिव्यय पर विस्तृत चर्चा की, स्वरोजगार, नवाचार, क्लस्टर आधारित विकास और ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण पर जोर दिया, लेकिन योजना के अंतिम अनुमोदन पर कोई स्पष्ट निर्णय या घोषणा नहीं की गई। बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। प्रभारी मंत्री कौशिक ने “पौड़ी प्रगति पोर्टल” लॉन्च करने की बात कही, जिससे विकास कार्यों की निगरानी की जाएगी, लेकिन जिला योजना को औपचारिक मंजूरी देने को टाल दिया। बैठक में प्रभारी मंत्री मदन कौशिक अनमने तरीके से समीक्षा करते रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक समीक्षा तक सीमित रही और अनुमोदन की प्रक्रिया लंबित कर दिया गया। पत्रकार वार्ता में भी उनकी राजनीतिक नाराजगी को ले कर किये गये एक सवाल में मंत्री असहज से दिखे हालांकि उन्होंने किसी प्रकार की नाराज़गी को नकारा पर नये वित्तीय वर्ष के एक माह गुजर जाने के बाद भी वे जिला योजना का अनुमोदन करते हुए बचे। ऐसा लग रहा था कि उनको अभी भी किसी तिथि विशेष का इंतज़ार था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मदन कौशिक हाल ही में धामी कैबिनेट में मंत्री बने हैं और उन्हें पंचायती राज, आपदा प्रबंधन, आयुष जैसे विभागों के साथ पौड़ी गढ़वाल का प्रभारी बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हरिद्वार से पांच बार विधायक रह चुके कौशिक की भाजपा के अंदरूनी समीकरणों में कुछ नाराजगी अभी भी बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी संगठन और कैबिनेट विस्तार के दौरान उनके रोल को लेकर अटकलें लगती रही हैं।स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मानते हैं कि मंत्री के रूप में वे किसी कार्य को जल्दबाजी में करने से बच रहे है। हालांकि, कौशिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान इस संबंध में जारी नही हुआ पर जिस तरह से उन्होंने नाराजगी वाले सवाल को मज़ाक में उड़ाया वो बहुत कुछ इशारा कर रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *