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दिशा की बैठक में अफसरों को स्पष्ट दिशा दिखा गए अनिल बलूनी

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अनिल बहुगुणा के इनपुट के साथ अजय रावत अजेय

पौड़ी।।
अमूमन दिशा की बैठक एक रस्मअदायगी तक सीमित रहती हैं। सांसद के समक्ष अधिकारियों द्वारा विकास योजनाओं की प्रेजेंटेशन कर बैठक की इतिश्री कर ली जाती है। किंतु शनिवार को पौड़ी में हुई दिशा की बैठक में सांसद अनिल बलूनी ने अधिकारियों की क्लास लेते हुए विकास कार्यों को त्वरित गति से सकारात्मक दिशा में ले जाने के निर्देश दिए।
ढाई घण्टे चली बैठक में जैसे ही अफसर सांसद से मुख़ातिब होते हुए तो अधिकारियों ने परंपरा के मुताबिक अपने अपने विभागों की प्रगति की स्लाइड्स को प्रस्तुत करना शुरू किया किन्तु सांसद ने इन स्लाइड्स से इतर जमीनी डेटाज़ के बाबत अफसरों से सवाल का सिलसिला शुरू कर दिया और यह भी हिदायत दी कि हवाई आंकड़ों से उन्हें गुमराह करने की चेष्टा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आगामी बैठक में इस बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों की पुनः समीक्षा करेंगे। सांसद ने विभागवार हर योजना की गहराई से पड़ताल की। दिशा की इस बैठक सांसद के कड़े रुख के चलते अब उम्मीद है कि भविष्य की बैठकों में अधिकारी होमवर्क कर आंकड़े पेश करेंगे। सांसद के इस रुख से दिशा की बैठक की प्रासंगिकता बढ़ेगी।

बैठक में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खेल, संचार तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पेयजल एवं जल संस्थान विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल संकट बना रहता है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अधूरी पेयजल योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा गया। बैठक में जयहरीखाल क्षेत्र की पेयजल समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सांसद ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेयजल पंपिंग योजनाओं की पूर्व तैयारी की जाए तथा एक माह के भीतर पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। लैंडस्लाइड की दृष्टि से संवेदनशील मोटर मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को बरसात से पूर्व आवश्यक सुधारीकरण कार्य पूर्ण करने तथा आपदा प्रबंधन के लिए मशीनरी एवं मानव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए। गुमखाल–सतपुली मोटर मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित निजी परिसंपत्तियों के सुधारीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने को भी कहा गया।
सांसद ने समाज कल्याण एवं शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विद्यालयों में विशेष शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए सत्यापन प्रक्रिया के कारण लंबित मामलों का विशेष अभियान चलाकर निस्तारण करने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
इस पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने निर्देश दिए कि सत्यापन प्रक्रिया के कारण जिन लाभार्थियों की पेंशन रुकी हुई है, उनके मामलों का विशेष अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए तथा लंबित गैप को पूर्णतः समाप्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सत्यापन अभियान शुरू करने से पूर्व संबंधित जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि आमजन को समय पर जानकारी मिल सके और प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने जनपद के एक ब्लॉक को ऑर्गेनिक खेती के लिए विकसित करने की दिशा में तैयारी करने के निर्देश दिए। इसके लिए थलीसैंण ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित करने तथा किसानों का चिन्हीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान चिकित्सकों की उपलब्धता, आईसीयू, डायलिसिस सेवाओं, 108 एंबुलेंस संचालन तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका एवं स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कोटद्वार डायलिसिस सेंटर में अतिरिक्त बेड बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सांसद ने कोटद्वार एवं पौड़ी के डायलिसिस सेंटरों की क्षमता बढ़ाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
सांसद ने बीएसएनएल अधिकारियों को डार्क जोन क्षेत्रों का निरीक्षण कर नेटवर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही खेल अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने तथा ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं के विकास हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा। जिला खेल अधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 750 बच्चों को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें से 250 खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय तथा 38 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है।
बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं गुलदार के हमलों की घटनाओं पर भी चर्चा की गई। सांसद ने प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मनरेगा की समीक्षा के दौरान जिला विकास अधिकारी ने बताया कि मानव दिवस सृजन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है तथा सभी ग्राम पंचायतों की युक्तधारा पोर्टल पर मैपिंग एवं ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

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