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जन सैलाब: कांग्रेस का उत्साहवर्धन तो भाजपा को अलार्म

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अजय रावत अजेय, संपादक

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के लिए अल्मोड़ा व पौड़ी में उमड़े जन सैलाब से जहां कांग्रेस का उत्साहवर्धन हुआ वहीं भाजपा के लिए यह अलार्मिंग रहा। अब देखना है कि कांग्रेस इस उत्साह को पोलिंग बूथ तक सहेजने में कामयाब रहती है कि नहीं, वहीं भाजपा इसे लिटमस टेस्ट की तरह लेकर किस तरह से एन्टी इंकैम्बनसी से निपटने को रणनीति तैयार करती है।
बेशक राहुल गांधी के लिए अल्मोड़ा व पौड़ी में जो उत्साह नजर आया वह कांग्रेस के लिए संजीवनी से कम नहीं है। हालांकि विपरीत मौसम के चलते राहुल भौतिक रूप से इन सभाओं में शिरकत न कर पाए लेकिन उन्होंने एक प्रभावी संदेश पहाड़ी प्रदेश तक भेज दिया। सैन्य बाहुल्य प्रदेश में अग्निवीर जैसी योजना को लेकर उनके कमिटमेंट की चर्चा हर जगह हो रही है।
अल्मोड़ा व पौड़ी में राहुल के न पंहुच पाने से भले कांग्रेसी मायूस हैं लेकिन यहां एकत्र हुए भीड़ से निश्चित रूप से कांग्रेस उत्साह से लबरेज है। किंतु इस भीड़ से आत्ममुग्ध होकर कांग्रेसियों का उत्साह अतिउत्साह में तब्दील हो गया तो यह उनके लिए एक बार फिर आत्मघाती साबित हो सकता है। संगठन में शीर्ष स्तर से ग्राउंड जीरो तक खेमेबाजी के दीमक से ग्रसित कांग्रेस में नेताओं व पदाधिकारियों के मध्य सामंजस्य की स्थिति में सुधार न हुआ तो छोटे कार्यकर्ताओं व पार्टी समर्थकों का यह उत्साह मतदान केंद्रों तक पंहुचते पंहुचते लुप्त हो जाएगा।
वहीं, राहुल के लिए उमड़ी यह भीड़ भाजपा के लिए भी एक लिटमस टेस्ट की तरह रही है। 24×7 इलेक्शन मोड में रहने वाली भाजपा ने निश्चित रूप से इस भीड़ को कांग्रेस से अधिक गंभीरता से नोट किया होगा। पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान पार्टी संगठन, विधयकों व सांसदों की व्यापक क्लास लेने वाले नबीन ने जिस तरह से सरकार व संगठन के पेंच कसे, उससे साफ जाहिर है कि वह अतिआत्मविश्वास से दूर रहने की हिदायत दे चुके हैं। उनके दौरे के बाद से भाजपा संगठन के अधिकारियों खलबली देखी जा रही है।
अल्मोड़ा व पौड़ी में उमड़े जनसैलाब के बाद चुनावी प्रबंधन में माहिर भाजपा संगठन के प्रबंधक इसे निश्चित रूप से अलार्मिंग कॉल की तरह लेंगे। चुनाव के लिए बचे लगभग 6 माह से अधिक की अवधि में संगठन तमाम उन कमियों को दूर करने का प्रयास अवश्य करेगा जो सरकार के प्रति एन्टी इंकैम्बनसी का सबब बन सकती हैं।
लब्बोलुआब यह कि राहुल गांधी के लिए पौड़ी व अल्मोड़ा में उमड़ी भीड़ से न केवल कांग्रेस बल्कि भाजपा को भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। जो भी पार्टी इस भीड़ को अधिक संजीदगी से लेकर तैयारी करेगी, वही लाभ की स्थिति में होगी। 

1 Comment

  1. Sabar singh negi
    05th Jun 2026 Reply

    आपको साधुवाद। खेद है आपके साथ बैठ नही पाया। हार्दिक इच्छा थी रुकने की पर साथियों का दवाब था। फिर मिलेंगे जी

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