गणित सम्मेलन में अंतराष्ट्रीय स्तर के गणितिज्ञों ने प्रस्तुत किये शोध पत्र
पौड़ी।।
हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. बी. जी. आर. परिसर, पौड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित सम्मेलन “RAMMS-2026” के द्वितीय दिवस विभिन्न तकनीकी सत्रों, स्मृति व्याख्यानों तथा शोध-पत्र प्रस्तुतियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। देश-विदेश के प्रतिष्ठित गणितज्ञों एवं शोधकर्ताओं ने गणित के विविध क्षेत्रों में नवीनतम अनुसंधानों और अनुप्रयोगों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रातः आयोजित तकनीकी सत्र-IV में अध्यक्षता प्रो. ए. पी. सिंह ने की। इस सत्र में अमेरिका के बैरी विश्वविद्यालय के प्रो. जे. एन. सिंह ने “Linear Programming: From Dantzig to Karmarkar and Beyond” विषय पर व्याख्यान दिया। दक्षिण अफ्रीका के यूनिवर्सिटी ऑफ जोहान्सबर्ग के प्रो. राजेन्द्र पंत ने बानाख स्पेसेज़ में सामान्यीकृत नॉन-एक्सपैन्सिव प्रतिचित्रणों पर आधारित स्थिर बिंदु प्रमेयों की चर्चा की। गुजरात की प्रो. दर्शना जे. प्रजापति ने जूलिया सेट्स के विश्लेषण पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
समानांतर सत्रों में स्थिर बिंदु सिद्धांत, संकुचन प्रतिचित्रण, हार्डी असमानता, पेट्री नेट्स, जटिल गतिकी तथा वितरित प्रणालियों के प्रदर्शन संवर्धन जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता की व्याख्यात्मकता (Explainable AI) के गणितीय आधारों पर प्रो. सारिका जैन का व्याख्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।
दोपहर में आयोजित प्रो. एस. एल. सिंह स्मृति व्याख्यान में प्रो. अनीता तोमर (एस.एस.यू. विश्वविद्यालय, ऋषिकेश) ने “On Application of Fixed Point Techniques” विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया। इस अवसर पर स्थिर बिंदु सिद्धांत के विभिन्न अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके पश्चात आयोजित तकनीकी सत्र-V में अनुकूलन (Optimization), गणितीय शिक्षा, सामान्यीकृत मीट्रिक संरचनाओं में स्थिर बिंदु सिद्धांत तथा न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग के माध्यम से गणित शिक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।
दोपहर बाद सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुति सत्र (Best Paper Presentation Session) आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट शोध-पत्रों का मूल्यांकन किया गया।
शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त प्रतिभागियों को पौड़ी नगर के स्थानीय भ्रमण का अवसर भी प्रदान किया गया। सायंकाल प्रतिभागियों ने नवांकुर नाट्य समारोह में सहभागिता कर उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत का आनंद लिया।
सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि गणित के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवीन शोध एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित यह सम्मेलन शोधकर्ताओं, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हो रहा है।





