#हरिद्वार

पहल: हरिद्वार में शुरू हुई साहसिक पर्यटन गतिविधि

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डीएम हरिद्वार गबर्याल

*डीएम गबर्याल ने शुरू की जियोकॉप्टर एक्टिविटी

*पर्यटन महकमे के सहयोग से शुरू हुई यह अनोखी पहल

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देहरादून।उत्तराखंड में सहासिक पर्यटन के मामले में अभी तक कोई भी गतिविधि पूरी तरह से मुक़ामिल नहीं हो पाई। तमाम कोशिशों के बाद भी सूबे के पहाड़ी जिलों में पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग परवान नहीं चढ़ पाई पर अब सूबे के हरिद्वार जिले में विदेशी मदद से एक और सहासिक पर्यटन की बात शुरू कर दी गई है। सहासिक पर्यटन विभाग में पुनर्वास के आधार पर दूसरी बार नौकरी कर रहे अधिकारी एक और नया काम ढूंढ लाये है। हरिद्वार में इसका एक प्रयोग किया जा रहा है। पहाड़ी जिलों को दरकिनार कर मैदान के जिले हरिद्वार में इसका प्रयोग किया गया है। पहाड़ी मिज़ाज के अफ़सर और सहासिक पर्यटन में रुचि रखने वाले जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने शनिवार को बैरागी कैम्प के ग्राउण्ड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से जॉयरोकॉप्टर के परीक्षण उड़ान का सफलतम शुभारम्भ किया। उन्होंने स्वयं साहसिक जॉयरोकॉप्टर में उडान भी भरी। जॉयरोकॉप्टर के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जॉयरोकॉप्टर एक प्रकार का छोटा हैलीकॉप्टर है, जिसका उपयोग उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि शीघ ही उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा जॉयरोकॉप्टर द्वारा हिमालयन सफारी आयोजित कराई जायेगी अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद कर्नल अश्विनी पुण्डीर ने इसे ऐतिहासिक मौका बताते हुए कहा कि इस जॉयरोकॉप्टर की भारत में सर्वप्रथम सफलतम पहली उड़ान परीक्षण के तौर पर उत्तराखण्ड के हरिद्वार में की जा रही है। ये वो ही अधिकारी है जिन्होंने पहाड़ों में सहासिक पर्यटन को ले कर कभी भी प्लानिंग करने में बहुत रुचि नहीं दिखाई जबकि राज्य के पहाड़ी जिलों में सहासिक पर्यटन की संभावना मैदानी जिलों से अधिक थी। अश्वनी पुंडीर ने बताया कि जॉयरोकॉप्टर द्वारा राज्य के विभिन्न दर्शनीय स्थलों की हिमालयन हवाई सफारी योजना शीघ्र ही घरातल पर उतारी जायेगी। उन्होंने कहा कि ब्रेकफॉस्ट टूरिज्म के तहत उतारी गयी इस योजना में पर्यटक एक स्थल से जॉयरोकॉप्टर में उड़ान भर हिमालयी चोटियों, नदियों की प्राकृतिक छटा का आनन्द लेते हुए दूसरे गतंव्य पर पहुँचेंगे तथा उस गतंव्य पर कुछ समय व्यतीत कर जॉयरोकॉप्टर द्वारा वापस अपने स्थान पर लौटेंगे। कर्नल पुण्डीर ने इस साहसिक पर्यटन के सम्बन्ध में आगे जानकारी देते हुये बताया कि यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड में प्रयोग किये जाने वाले जॉयरोकॉप्टर जर्मनी से आयात किये गये हैं, जिन्हें प्रारम्भ में जर्मनी में प्रशिक्षित पॉयलटों द्वारा ही उड़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न गतंव्यों में नागरिक उड्डयन विभाग तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जॉयरोकॉप्टर हेतु हवाई पट्टियों के निर्माण की योजना भी गतिमान है। उन्होंने कहा कि जॉयरोकॉप्टर साहसिक पर्यटन योजना राज्य के दूरस्थ गर्तव्यों में पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर रजस एयरो स्पोर्ट्स एवं एडवेंचर प्रा0 लि0 के एमडी मनीष सैनी, ईडी लोकेश कुमार, निदेशक ओपीएस कर्नल मुकेश यादव, ओपीएस मैनेजर हुकुम सिंह, जनरल मैनेजर अजय दुबे, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुरेश सिंह यादव, आधिशासी अभियंता लोक निर्माण् प्रवीण कुमार, एई अमित वर्मा, ठेकेदार भूप सिंह सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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