हमराह बने पांडे व धामी, डैमेज कंट्रोल या अरविंद का बढ़ेगा कद..!
अजय रावत अजेय
बीते अनेक महीनों से तथाकथित रूप से धामी से असंतुष्ट भाजपाईयों का एपीसेंटर बने गदरपुर में सीएम धामी का अचानक अवतरित होना व उसके बाद विधायक अरविंद पांडेय से गलबहियां करने का एपिसोड रोचक सियासी समीकरणों की तरफ इशारा कर रहा है।
यह बात किसी से नहीं छिपी है कि लंबे समय से अरविंद पांडेय धामी की कार्यशैली को लेकर मुखर हैं। वह बार बार अपने बयानों के जरिये मुख्यमंत्री धामी की प्रशंसा करते सुनाई दिए गए, किन्तु प्रशंसा करने का अंदाज हर बार व्यंग्यात्मक ही प्रतीत हुआ। अमित शाह के हरिद्वार दौरे के दौरान त्रिवेंद्र रावत व अनिल बलूनी का गदरपुर जाकर अरविंद पांडे से मिलने का बाकायदा मिनट टू मिनट प्रोग्राम जारी होना व उसके बाद यकायक इस प्रस्तावित दौरे के रद्द हो जाने के दौरान भी अनेक सवाल उठे थे। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पांडेय द्वारा लिखे गए एक पत्र से भी काफी हलचल बढ़ी। इसके पश्चात अनिल बलूनी व फिर त्रिवेंद्र का गदरपुर दौर व अरविंद पांडे के उस निवास पर, जिसे प्रशासन ने अतिक्रमण की जद में घोषित किया है, वहां जाकर उनके पोते-पोतियों को दुलार के चित्रों ने भाजपा की अंदरूनी सियासत में गदर उड़ा दी थी। तल्खी की इस आग में धामी के करीबी माने जाने वाले सुरेश कम्बोज के त्रिवेंद्र व बलूनी पर किये गए बयानी प्रहार ने घी का काम किया।
इधर , राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखंड दौरे के बाद दिल्ली पंहुचने के साथ ही भाजपा की अंदरूनी सियासत में ट्विस्ट आना शुरू हुआ। संगठन मंत्री अजेय की विदाई से ही लगने लगा था कि पार्टी में अब रिसफलिंग की जरूरत महसूस होने लगी है।
क्योंकि जल्द ही पार्टी के राज्य संगठन में भी तब्दीलियां होने की सुगबुगाहट है तो ऐसे में सीएम धामी का गदरपुर जाकर नाराज पांडे से गलबहियां करने की घटना अपने आप में बड़े संकेत देती है। कल ही दिल्ली से लौटे धामी का पांडे से मिलने जाना यह भी संकेत देता है कि उन्हें दिल्ली ने पूरे संगठन व सरकार को एक साथ लेकर आगे बढ़ने की हिदायत दी होगी। चुनाव में जाने से पूर्व सभी नाराज व असंतुष्ट नेताओं को एक मंच पर लाने का जिम्मा भी शायद मुख्यमंत्री धामी को दिया गया होगा। वहीं पाण्डे को अचानक सरकार व सीएम की ओर से तवज्जो दिए जाने से यह भी कयास लगने लगे हैं कि आने वाले समय में अरविंद पांडे संगठन में किसी बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं।





