#उत्तराखण्ड #पौड़ी

देवप्रयाग-सतपुली मार्ग का होगा कायाकल्प, बनेंगे नए पुल

Share Now

अजय रावत अजेय
पौड़ी।

नयार घाटी क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए लोनिवि द्वारा इन दिनों एशियाई विकास बैंक की मदद से एक महत्वाकांक्षी योजना के लिये डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है।
दरअसल लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड पौड़ी द्वारा इन दिनों प्रांतीय राजमार्ग 49 के उच्चीकरण हेतु युद्धस्तर पर डीपीआर व सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इस मार्ग का कायाकल्प होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे 07 सीधे पौड़ी मेरठ एनएच से जुड़ जाएगा। वर्तमान में देवप्रयाग से सतपुली तक इस स्टेट हाई वे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, किन्तु यह मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है।
इसे देखते हुए लोनिवि द्वारा देवप्रयाग से सतपुली के मध्य स्थित 7 पुलों को उच्चीकृत कर इनकी भार वहन क्षमता को बढ़ाने के साथ इनकी चौड़ाई को 10 मीटर किया जा रहा है।
लोनिवि के पीडी पौड़ी के सम्बंधित सहायक इंजीनियर मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि बांघाट सेतु की डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में है, वहीं अन्य 6 पुलों की डीपीआर फाइनल हो चुकी हैं। किलोमीटर संख्या 61, 70, 71, 72, 81 व 90 में नए पुल बनने से इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही भी सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बांघाट पुल को बोर व्होल तकनीकी से बनाया जाएगा। आर्क शेप के इस पुल का आर्क 70 मीटर का होगा। यह सेतु वर्तमान में ग्रेड बी में वर्णित है, जिसे ग्रेड ए में तब्दील किया जाएगा।
ज्ञात हो कि स्टेट हाई वे टेहरी जिले के अंजनीसैण , हिंडोलाखाल को देवप्रयाग से जोड़ते हुए पौड़ी जिले के व्यासघाट , बिलखेत तक पंहुच कर सतपुली पंहुचता है। जहां से इसकी अप्रोच कुमाऊं डिवीज़न के मरचूला तक है , जो बुआखाल-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए बखूबी रामनगर से जुड़ा हुआ है। यानी कि इस स्टेट हाईवे का कायाकल्प होने से गढ़वाल व कुमाऊं के अंदरूनी इलाकों की पारस्परिक दूरियां काफी कम हो जाएंगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *