विवाह की रस्मों व पद्धतियों पर यूसीसी का नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 के तहत, विवाह समारोह उसी परंपरागत तरीके से संपन्न किए जा सकेंगे जैसे अब तक होते आए हैं। चाहे वह “सप्तपदी”, “निकाह”, “आशीर्वाद”, “होली यूनियन” या आनंद विवाह अधिनियम, 1909 के तहत “आनंद कारज” हो, या फिर विशेष विवाह अधिनियम, 1954 अथवा आर्य विवाह मान्यकरण अधिनियम, 1937 के […]



