त्वरित टिप्पणी:आपदाएँ और पहाड़ , परंपरा की चेतावनी
रतन सिंह असवाल ‘प्रबंध संपादक’ उत्तराखंड और हिमालयी राज्यों के लिए आपदाएँ कोई नई बात नहीं हैं। भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, भूकंप ये सब प्रकृति के वे रूप हैं जो पहाड़ों की ज़िंदगी का हिस्सा रहे हैं। किंतु जो बात चिंताजनक है, वह यह कि हमने इन आपदाओं में अपने आप को जबरन डाल […]



