पिंजड़े में कैद गुलदार को आग के हवाले करने वालों को एक साल का कारावास
पौड़ी। पहले अपनो को गुलदार का निवाला भी बनने दो और अब सजा भी भुगतो।
ऐसे ही एक मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने पिंजरे में कैद गुलदार को जिंदा आग के हवाले करने के आरोप में तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित पांच ग्रामीणों को एक-एक साल कारवास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांचो देषियों को एक एक साल के साधरण कारावास की सजा के साथ 3500-3500 का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा करने पर दीषियों को 15 दिन के अतरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पाबौ ब्लाक के सपलोड़ी गांव में बीते 24 मई 2022 को पिंजरे में कैद गुलदार को आक्रोशीत भीड़ ने जिन्दा आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में वन दरोगा की तहरीर पर कोतवाली पौड़ी में तत्कालीन ग्राम प्रधान पांच नामजद व 150 अज्ञात के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम लोक कामकाज में बाधा, आपराधिक हमला था। पुलिस ने अदालत में 20 जुलाई 2023 को आरोप पत्र दाखिल किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी लक्ष्मण सिंह की अदालत ने सपलोड़ी के तत्कालीन ग्राम प्रधान अनिल कुमार नेगी, चोपड़ा के देवेंद्र सिंह व सरणा गांव की सरिता देवी, भुवनेश्वरी देवी व कैलाशी देवी को पिंजरें में कैद गुलदार को जिंदा जलाने का दोषी पाया है।
अदालत ने उक्त को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 3500-3500 का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को 15-15 दिन की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।





