गुलदार की दहशत से ग्रामीण जनजीवन हो रहा प्रभावित
पौड़ी गढ़वाल। हिमतुंग वाणी ब्यूरो
प्रदेश के पहाड़ी जिलों में मनुष्यों को लगातार गुलदारों द्वारा निवाला बनाये जाने की घटनाओं के बाद पहाड़ी जिले के ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर है। अपनी आर्थिक मजबूरियों के कारण जो लोग शहरों की ओर नहीं जा पा रहे है, उन ग्रमीणों की अब ये नियति ही बन गई है कि कब कौन गुलदार का निवाला बन जाय? पूरे प्रदेश में 25 वर्षो में आदमखोर गुलदार के हमलों से अब तक 900 लोग मारे जा चुके है। अकेले पौड़ी जिले में ही कुल 27 से अधिक लोग गुलदारों का शिकार हो चुके है। इस साल 2026 में भी ये सिलसिला जारी है।उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में मंगलवार को हुई ताजा घटना के बाद जिले में गुलदार के हमलों से मौतों का कुल आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में 27 तक पहुंच चुका है।वहीँ बुधवार को भी पौड़ी के बीरोंखाल में गुलदार ने एक और को गंभीर घायल करने की सूचना है। 2025-26 में इन घटनाओं में आश्चर्यजनक तरीके से तेजी आई। दिसंबर 2025 में गजल्ड गांव में राजेंद्र नौटियाल, जनवरी 2026 में बाड़ा गांव में नेपाली मूल के लक्ष्मण (45) और जयहरीखाल में एक डेढ़ साल की बच्ची समेत कई मामले सामने आए। मंगलवार की घटना में बलमना/चिवालू गांव (कोट ब्लॉक, जमनाखाल क्षेत्र) के प्रकाश लाल (45 वर्ष) की मौत हो गई। वे सोमवार शाम काम से लौट रहे थे, जब गुलदार ने हमला कर आधा शरीर नोंच लिया। मंगलवार सुबह शव मिलने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। इन तरह की लगातार हो रही घटनाओं से वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स भी आश्चर्य में है कि इन घटनाओं में अचानक अप्रत्याशित रूप से तेजी आई है। इन घटनाओं को ले कर अब ग्रमीणों गुस्सा है और वे अब ख़ुद ही इन गुलदारों का सफ़ाया करने का मन बना रहे है।पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि मंगलवार की घटना के बाद विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।




