…तो लैंडिंग पैड न होना बन रहा पौड़ी को हेली सेवा से जोड़ने में बाधक
●देहरादून-पौड़ी हेली सेवा की पहले से ही अनुमति●
●लेकिन उड़ रहा है श्रीनगर तक ही●
●थंबी एविएशन को मिला है सटल उड़ान का परमिट● _
अनिल बहुगुणा_ पौड़ी।
ऐसा नहीं है कि पौड़ी के लिए देहरादून से हेली सेवा सरकार ने न दी हो, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता और खेल विभाग की ज़िद के कारण देहरादून-पौड़ी हवाई सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। फ़िलहाल इस सेवा को देहरादून-श्रीनगर चलाया जा रहा है।
जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ पौड़ी शहर में सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी ( UCADA) के पास अपना कोई लैंडिंग पैड अभी तक नहीं है। जिला प्रशासन ने इसके लिए लाख कोशिश की पर अभी लैंडिंग पैड अस्तित्व में नहीं आ पाया जिसका ख़मियाज़ा पौड़ी को उठाना पड़ रहा।
राज्य सरकार ने पहाड़ी जिलों को एयर कनेक्टविटी से जोड़ने के लिए शटल हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की है। लगभग सभी जिला मुख्यालयों से ये सेवा शुरु की जानी है। गढ़वाल जिले के पौड़ी मुख्यालय को भी देहरादून से शटल एयर कनेक्टविटी से जोड़ा जाना था पर पौड़ी शहर के आसपास हेलीपैड न होने के कारण अभी तक यहां हवाई सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। राज्य सरकार इसके लिए थंबी एविएशन को इसका परमिट जारी किया हुआ है। थंबी एविएशन अब पौड़ी के नाम पर श्रीनगर गढ़वाल तक अपनी सेवाएं चला रहा है। हालांकि पौड़ी में सबसे पुराना रॉसी हेलीपैड मौजूद था लेकिन ये मैदान अब खेल विभाग को दे दिए जाने के बाद, यहां खेल विभाग ने यहां अब केवल विशिष्ठ और अति विशिष्ठ लोगों को ही लैंडिंग करवाने की अनुमति दी हुई है। ऐसे में गढ़वाल जिले का मुख्यालय आज तक भी हेली सेवा से नहीं जुड़ पाया है। जबकि उकाडा हेलीपैड के अस्तित्व में आने तक कुछ समय के पौड़ी को हैली सेवा से जोड़ने के लिए रॉसी हेलीपैड की अनुमति दी जा सकती थी।





