पौड़ी: वन्य जीवों के बढ़ते हमलों से आक्रोशित कांग्रेसियों ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
पौड़ी।
पहाडों में लगातार हो रहे वन्य जीवों के हमलों को लेकर आज कांग्रेस ने जिला कार्यालय पर धरना दिया और सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाजी की। मानव वन्यजीव संघर्ष पर रोक लगाने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में रैली निकाली। इस दौरान एडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द ठोस योजना बनाने की मांग उठाई गई।
बुधवार को कांग्रेस ने नए बस स्टेशन से डीएम कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष पर रोक लगाने में सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है। सरकार इस इसके लिए ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। इस दौरान गुलदार के हमले में मारे गए मृतकों व घायलों के परिजनों के लिए भी सरकार कोई ठोस और कारगर कदम नहीं उठा पाई है। माँग की गई कि सरकार से इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु वैज्ञानिक, नीतिगत और दीर्घकालिक कदम उठाये कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर वन विभाग द्वारा प्रत्येक रेंज में मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सार्वजनिक करने के प्रयासों पर
श्वेत पत्र जारी करने की भी माँग की। पिछले पाँच वर्षों में मानव वन्य जीव संघर्ष निवारण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को दिखाने, वन्य जीवों के हमले में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा आश्रितों को वैकल्पिक रोजगार प्रदान करने, घायल व्यक्तियों को सम्पूर्ण चिकित्सा सुविधा तथा न्यूनतम 1 लाख रुपए का मुआवजा देने, प्रत्येक रेंज में वन विभाग को पर्याप्त संख्या में पिंजड़े उपलब्ध कराने, गत पाँच वर्षों में पकड़े गए कुल गुलदारों की संख्या तथा उन्हें कहाँ छोड़ा गया इसकी पूर्ण जानकारी सार्वजनिक करने, गुलदार/तेंदुआ एवं भालू की ताजा गणना, पर्वतीय क्षेत्रों के वनों की धारण क्षमता और संबंधित वैज्ञानिक आकलन सार्वजनिक करने, मुख्य सड़कों, स्कूल मार्गों एवं जलस्रोतों के आसपास की झाड़ियों को हटाने हेतु, वन विभाग की देखरेख में, वर्ष में कम से कम चार बार विशेष अभियान संचालित करते हुए वन अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद नेगी, राजेंद्र शाह, राजेश चमोली, सुंदरलाल मुयाल, राजपाल बिष्ट, विनोद दनोशी, पूनम कैंतुरा, कविंद्र इष्टवाल आदि शामिल रहे।





