जिला पंचायत गढ़वाल पहली मर्तबा पूर्ण रूप से मातृ शक्ति के हवाले
पौड़ी।। अजय रावत अजेय
●अध्यक्ष , उपाध्यक्ष के साथ अब एएमए पद भी मातृशक्ति के हवाले●
एक माह पूर्व गठित जिलापंचायत गढ़वाल के नए बोर्ड में अध्यक्ष पद पर रचना बुटोला व उपाध्यक्ष पद पर आरती नेगी के निर्वाचित होते ही इस सदन का उत्तरदायित्व मातृशक्ति के हवाले हो गया था, किन्तु अब महिला अधिकारी भावना रावत को अपर मुख्य अधिकारी जिपं गढ़वाल का कार्यभार सौंपे जाने के बाद समूचे जिला पंचायत की कार्यप्रणाली में मातृशक्ति के फैसले सर्वोपरि होंगे। ब्रिटिश काल से ही तत्कालीन जिला परिषद के नाम से जाने जानी वाली जिपं गढ़वाल में पहली मर्तबा किसी महिला को अपर मुख्य अधिकारी का दायित्व मिला है। वर्तमान में गढ़वाल जनपद के कलक्टर पद के साथ जॉइंट मजिस्ट्रेट व डीडीओ के दायित्वों का निर्वहन भी मातृशक्ति ही कर रही है।
लगता है जिला परिषद/जिला पंचायत गढ़वाल के गरिमामयी इतिहास में पहली बार ऐसा सुखद संयोग बना है कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अपर मुख्य अधिकारी के पदों को मातृशक्ति सुशोभित कर रही हैं। हालांकि पिछले बोर्ड में भी महिलाएं ही अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर काबिज़ थीं। किन्तु अनियमितताओं के आरोप में सुनील कुमार को निदेशालय सम्बद्ध किये जाने से ऐसा इत्तेफ़ाक़ बना कि इस समय अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ एएमए की कुर्सियों में महिलाएं विराजमान हो गयी हैं।
रोस्टर के मुताबिक इस बार उपाध्यक्ष का पद अनारक्षित था किंतु इस पद पर आरती नेगी ने सत्ताधारी भाजपा से अधिकृत उम्मीदवार को पटखनी देते हुए इस पद को भी मातृशक्ति के नाम कर दिया और परिस्थितिजन्य कारणों से अब अपर मुख्य अधिकारी के दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी भी महिला के ही कंधों पर आ गयी है।


उम्मीद की जा सकती है कि जब जिले की कमान एक महिला के हाथ में है और जिले के सर्वोच्च सदन व पंचायत भी मातृशक्ति के हवाले है तो भविष्य में बेहतर व जन सरोकारों के प्रति संवेदनशील निर्णय लिए जाएंगे।





