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ठोस तर्कों के साथ बेरोजगार संघ ने की पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग

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देहरादून।।

21 सितंबर को प्रदेश के 445 परीक्षा केंद्रों पर भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद प्रश्न पत्र से जुड़े स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बेरोजगार संघ ने इसे पेपर लीक बताते हुए सचिवालय कूच किया और सीबीआई जांच की मांग उठाई। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने प्रेसवार्ता कर कहा था कि जैमर होने के बावजूद प्रश्नपत्र कैसे बाहर गए, यह चौंकाने वाला है। उन्होंने दावा किया कि पूरा पेपर नहीं बल्कि तीन पन्ने बाहर आए थे। महिला प्रोफेसर ने पूछताछ में बताया कि उसे खालिद ने प्रश्न भेजकर जवाब मांगे थे। उसने वह प्रश्न बॉबी पंवार को भी भेजे, लेकिन पंवार ने पुलिस को देने से मना कर दिया।

एक ही अभ्यर्थी ने भरे चार फॉर्म
हर फॉर्म में अलग जानकारी

नकल की ‘सेटिंग के लिए खेला था खेल

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक प्रकरण में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी खालिद ने एक ही परीक्षा के लिए चार अलग-अलग पहचान के साथ आवेदन किए। इन आवेदनों में पिता का नाम, मोबाइल नंबर और यहां तक कि फोटोग्राफ भी अलग-अलग लगाए गए थे। यह खुलासा आयोग ने अपनी आंतरिक जांच में किया है। माना जा रहा है कि खालिद ने नकल की सेटिंग वाले परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यह चाल चली थी।

चार फॉर्म ने खोली पोल

आयोग के सचिव एसके बर्नवाल ने बताया कि खालिद की जांच में सामने आया कि उसने एक ही परीक्षा के लिए चार अलग-अलग आवेदन किए थे। हर फॉर्म में दी गई जानकारी बदल-बदलकर भरी गई थी। पूछताछ में खालिद की बहन हिना ने भी स्वीकार किया कि खालिद ने घर में कहा था—कई फॉर्म भरने का मकसद यह था कि वह उसी केंद्र पर परीक्षा दे, जहां नकल की पूरी सेटिंग हो।

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