अपहरण कांड से क्षुब्ध जिपं नैनीताल के अधिवक्ता ने दिया इस्तीफा
नैनीताल।
कहीं अभी भी ज़मीर जिन्दा है। पिछले 20 सालों से जिला पंचायत नैनीताल के कानूनी मामलों को हाईकोर्ट में देखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। वे हाल के जिला पंचायत नैनीताल के बोर्ड के गठन में हुई अनैतिक और पहाड़ को अराजकता के साथ क़ानून ब्यवस्था के ह्रास से दुःखी थे। 14 अगस्त को नव निर्वाचित पाँच सदस्यों के अपहरण कांड से दु;खी वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र सिंह बिष्ट ने जिला पंचायत नैनीताल की पैरवी करने से इंकार कर इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने ने इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और जिलाधिकारी को पत्र भेज कर भी सूचित कर दिया है। अधिवक्ता रवींद्र के इस्तीफे से खलबली सी हो गई है कि मंगलवार को कौन कोर्ट में पेश होगा। पंचायत अधिवक्ता रवींद्र ने अपने इस्तीफे में नैनीताल पुलिस की नाकामी का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि पुलिस के सामने घटना होती रही और पुलिस चुप रही,वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र ने लिखा पोलिंग स्टेशन के करीब अपराधी पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर ले गए, लेकिन पुलिस चुप रही जो कि ठीक नहीं था। वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र सिंह बिष्ट 20 साल से जिला पंचायत नैनीताल के उच्च न्यायालय में पैरवी करते आ रहे थे।





