बैठक मंडल स्तरीय, वेतन रोका जिलास्तरीय अफसरों का
पौड़ी।
इस प्रदेश में जो हो जाय वो ही कम है, जैसे तैसे कमिश्नर और आईजी गढ़वाल की जोड़ी, आखिर मृत पड़े अपने कार्यालयों में पहुँचे। इन दोनों अधिकारियों ने मंडलीय राष्ट्रीय राजमार्ग, क्रीड़ा व पूर्ति विभाग के मंडलीय के बजाय जिला स्तरीय अधिकारियों के वेतन पर लगी रोक लगा दी।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने जैसे तैसे सोमबार को मंडलीय समीक्षा बैठक कर अपनी खनापूर्ती कर ली। आयुक्त ने मंडलीय बैठक में अनुपस्थित रहने पर राष्ट्रीय राजमार्ग के श्रीनगर खंड अधिशासी अभियंता, उपायुक्त खाद्य, जिला पूर्ति अधिकारी और प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि बैठक में अधिकारियों की गैरहाजिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जबकि कमिश्नर गढ़वाल और इंस्पेक्टर जरनल ऑफ पुलिस गढ़वाल खुद ही गाहेबगाहे ही अपने मुख्यालय पहुँच पाते है। मंडलीय अधिकारियों ने पौड़ी आने से बचने के लिए नोडल अधिकारियों का रास्ता निकाल लिया है।
गढ़वाल मंडल के मंडलीय अधिकारियों ने बैठक में पौड़ी आने से बचने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाने का रास्ता निकाला है। जिसके लिए मंडलीय अधिकारी अपने विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल नामित कर रहे हैं। जिससे वह स्वयं बैठक में नहीं आते हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों को जिले के दायित्वों के साथ मंडलीय बैठकों के लिए अलग से कवायद करनी पड़ रही हैं।
बैठक में संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। लेकिन जिला स्तरीय अधिकारियों के वेतन पर रोक के जवाब में आयुक्त ने कहा कि उक्त को संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों ने मंडलीय नोडल अधिकारी नामित किया है। हालांकि पूर्ति व लोनिवि एनएच खंड के अधिकारियों ने उन्हें विभागीय नोडल अधिकारी नामित किए जाने से इंकार किया। खेल विभाग के अधिकारी ने नोडल अधिकारी बनाए जाने की बात कही, लेकिन वह अवकाश पर थे। लोनिवि NH खंड के अधिकारी डीएम से स्वीकृति लेकर विभागीय समीक्षा बैठक में गए थे।
सोमवार शाम विकास भवन सभागार में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने मंडलीय समीक्षा बैठक ली। इस मौके पर कमिश्नर पांडेय ने राज्य केंद्र पोषित योजनाओं में चमोली, देहरादून और हरिद्वार जिलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर निदेशक शिक्षा को एक सप्ताह के भीतर विभिन्न विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग और ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि वे अपने-अपने विभागीय कार्यों का निरीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। साथ ही लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को जिन मोटर मार्गों का सुधारीकरण किया जाना है, उन्हें प्राथमिकता से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से गांवों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सभी मंडलीय अधिकारी को हर माह कम से कम दो दिन अपने-अपने विभाग की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा जो भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाय। बताया कि प्रत्येक माह मंडल मुख्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें सभी विभागों को अपनी रिपोर्ट के साथ प्रतिभाग करना अनिवार्य होगा। कहा कि सभी अधिकारी ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें तथा सभी 11 निरीक्षण बिंदुओं पर कार्यालयों की जांच करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 5 करोड़ से अधिक लागत की योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने पीएम रोजगार सृजन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, होमस्टे, जल जीवन मिशन, किसान योजना, आवास योजना सहित अन्य की समीक्षा भी की। इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि सभी विभाग पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी योजनाएं समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हों। इस अवसर पर एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह, अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल उत्तम सिंह चौहान, सीडीओ पौड़ी गिरीश गुणवंत, डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर निदेशक पशुपालन डा. बीएस जंगपांगी, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा कंचन देवराडी, अधीक्षण अभियंता विकास सिंचाई श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, संयुक्त निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि शर्मा आदि मौजूद रहे।





