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खतरे के साए में नौनिहाल, जनपद में एक दर्जन से अधिक स्कूल भवन हुए जर्जर

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पौड़ी॥ हिमतुंग वाणी

जिले के जर्जर हो चुके सरकारी स्कूलों में पढ़ने से बच्चे तो डर ही रहे हैं अब शिक्षक भी डरने लगे हैं। कुछ एक स्कूलों के हालात तो इतने बुरे हैं कि मानसून सीजन की बारिश में वे कब धराशाई हो जाए कहा नहीं जा सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग इस संबंध में एक सर्कुलर जारी कर ऐसे स्कूलों के अध्यापकों से कहा है कि वे इस मानसून सीजन के दौरान जर्जर हुए स्कूली भावनों में किसी भी हालत में बच्चों को ना पढ़ाएं। जनपद पौड़ी में ऐसे जर्जर स्कूलों की काफी बड़ी तादाद है। तेज बारिश में कब भवन ध्वस्त हो जाए कहां नहीं जा सकता है। बिसल्ड, बैंग्वडी, ग्वाड़ मल्ला, पाबौ तल्ला तथा बणगांव समेत 17 सरकारी विद्यालय शिक्षा विभाग ने खतरनाक घोषित किए हैं। जिसमें प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूल के 15 तथा माध्यमिक के दो स्कूल खतरे की जद में हैं। जब यह भवन बने होंगे तो इसके निर्माण में भारी भ्रष्टाचार होता रहा अब इन भवनों में पूरी तरह से सीमेंट और सरिया झड़ चुकी हैं। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों द्वारा कई बार शिक्षा विभाग स्कूलों की जर्जर स्थिति के बारे में बताया जा चुका है लेकिन विभाग द्वारा कोई भी सुरक्षा के कदम नहीं उठाएंगे और ना ही विद्यालय की मरम्मत के लिए कोई बजट ही जारी किया गया शासन ने भी अब यह निर्देश जारी कर दिए हैं कि जर्जर स्कूलों के आसपास अन्य स्कूल या पंचायत भवन में बच्चों को शिफ्ट कर दिया जाए लेकिन कुछ एक स्कूल ऐसे हैं इसके आसपास कोई भी अन्य स्कूल या पंचायत भवन नहीं है ऐसे में शिक्षकों को बच्चों को खतरनाक स्थिति के भवन में पढ़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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